राउरकेला:13//4,(कलिंग समाचार)शहर के सेक्टर-3 स्थित भाजपा कार्यालय में ‘नारी शक्ति वंदन’ के संदर्भ में एक पत्रकार वार्ता का आयोजन किया गया। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज्य महिला मोर्चा की महासचिव लतिका पटनायक, जिला अध्यक्ष पूर्णिमा केरकेटा, राज्य महिला एवं शिशु कल्याण आयोग की सदस्य कल्पना लेंका, वरिष्ठ महिला नेत्री प्रमिला दास तथा भाजपा जिला प्रवक्ता गंगाधर दास सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।प्रेस वार्ता के दौरान वक्ताओं ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023’ को भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में एक युगांतरकारी कदम बताया। उन्होंने कहा कि लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण का प्रावधान केवल प्रतिनिधित्व बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नीति निर्माण को अधिक समावेशी, संवेदनशील और प्रभावी बनाने की दिशा में एक मजबूत पहल है।नेताओं ने कहा कि इस कानून के प्रभावी क्रियान्वयन से महिलाएं “नीति की हितग्राही” से आगे बढ़कर “नीति की निर्माता” बनेंगी, जो विकसित भारत के निर्माण की आधारशिला साबित होगा। महिलाओं की बढ़ती भागीदारी से शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, सुरक्षा, जल और स्वच्छता जैसे मुद्दों को प्राथमिकता मिलने की उम्मीद जताई गई।वक्ताओं ने बताया कि पिछले एक दशक में महिला सशक्तिकरण की मजबूत नींव तैयार की गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान ने सामाजिक सोच में सकारात्मक बदलाव लाया है, जिससे माध्यमिक स्तर पर बालिकाओं का नामांकन बढ़ा है। ‘सुकन्या समृद्धि योजना’ के तहत करोड़ों खाते खोलकर बालिकाओं के भविष्य को आर्थिक सुरक्षा दी गई है।स्वास्थ्य और पोषण के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति का उल्लेख करते हुए बताया गया कि ‘प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना’ के माध्यम से करोड़ों महिलाओं को लाभ मिला है, वहीं ‘पोषण 2.0’ के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों के जरिए व्यापक स्तर पर सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं, जिससे मातृ मृत्यु दर में कमी आई है।आर्थिक सशक्तिकरण को लेकर कहा गया कि ‘प्रधानमंत्री जनधन योजना’ के तहत बड़ी संख्या में महिलाओं को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ा गया है। ‘मुद्रा योजना’ में महिलाओं की भागीदारी उल्लेखनीय रही है, जबकि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हो रही हैं। ‘लखपति दीदी’ और ‘नमो ड्रोन दीदी’ जैसी पहलें महिलाओं को तकनीकी और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ा रही हैं।इसके अलावा ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’, ‘उज्ज्वला योजना’, ‘स्वच्छ भारत मिशन’ और ‘जल जीवन मिशन’ जैसी योजनाओं के जरिए महिलाओं के जीवन में सुविधा, सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं।वक्ताओं ने कहा कि ये सभी प्रयास मिलकर एक मजबूत आधार तैयार करते हैं, जिस पर ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ का प्रभावी क्रियान्वयन और अधिक सार्थक होगा। संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी से शासन अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और संवेदनशील बनेगा।अंत में नेताओं ने कहा कि यह अधिनियम केवल एक संवैधानिक प्रावधान नहीं, बल्कि ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को गति देने वाला निर्णायक कदम है। महिला नेतृत्व आधारित विकास ही देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा और यह पहल भारतीय लोकतंत्र को और अधिक सशक्त बनाएगा।

