राउरकेला:21//3,(कलिंग समाचार) धूमधाम से मनाया गया प्रकृति पर्व ‘सरहुल’ (खाद्दी)आज चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की पवित्र तृतीया के अवसर पर आदिवासियों का महान प्रकृति पर्व सरहुल (खाद्दी) हर्षोल्लास के साथ सारना पूजा स्थल पर संपन्न हुआ।सुबह 9 बजे श्रद्धालु और सारना प्रेमी अपने-अपने गाँवों से स्वच्छ जल से भरे सुसज्जित कलश (लोटा) सिर पर धारण कर बिरसा मुंडा चौक पर एकत्रित हुए। यहाँ मुख्य पाहन श्रीमान मांगनाथ खालखो द्वारा धरती माता को जल और अरवा चावल अर्पित कर ‘काँणसा’ पूजन के साथ शोभायात्रा का शुभारंभ किया गया।सबसे आगे सारना झंडा, उसके बाद काँणसा और पाहन-पुजारियों का समूह।उनके पीछे हज़ारों की संख्या में नंगे पाँव चलते श्रद्धालु, जिनके सिर पर जल से भरे कलश थे। बिरसा चौक से मुख्य मार्ग देकर उदितनगर अंबेडकर चौक पहुंचेइसी प्रकार पानपोष चौक और लाठीकाटा से भी शोभायात्राएँ निकाली गईं। ये तीनों यात्राएँ अम्बेडकर चौक पर मिलकर एक विशाल जनसमूह में परिवर्तित हुईं और सारना स्थल पहुँचीं। मुख्य पाहन मांगनाथ खालखो के नेतृत्व में जल अर्पण कर पूजा संपन्न की गई। इसके पश्चात पाहन ने सभी श्रद्धालुओं को शाल के फूल भेंट कर ‘धर्मेश’ और ‘चाला माँ’ का आशीर्वाद प्रदान किया।सारना प्रार्थना सभा की ओर से श्रीमती झारियो केरकेट्टा, मीना तिर्की, हेमंती मिंज, बिर्सी बाड़ा और अन्य सदस्यों ने सहयोग किया। समिति की ओर से सभी को शाल के फूल और अबीर लगाकर सरहुल की शुभकामनाएँ दी गईं।इस अवसर पर कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे, जिनमें श्री जुएल ओराम, माननीय केंद्रीय जनजातीय कल्याण मंत्री।श्री भवानी शंकर भोई, माननीय उपाध्यक्ष, ओडिशा विधानसभा।सुश्री सुकेशी ओराम, अध्यक्षा, उरांव संस्कृति परिषद।श्री सारदा प्रसाद नायक, विधायक, राउरकेला।श्री दुर्गा चरण तंती, विधायक, रघुनाथपाली।इसके अलावा संथाल, मुंडारी और लोहरा समाज के प्रतिनिधि, राउरकेला स्टील प्लांट के अधिकारी और विभिन्न सामाजिक संगठनों के अध्यक्ष भी शामिल हुए।बिरसा मुंडा चौक की शोभायात्रा का नेतृत्व राजी पाड़हा सारना प्रार्थना सभा के प्रदेश अध्यक्ष श्री मणिलाल केरकेट्टा ने किया। पानपोष चौक का नेतृत्व धनेश्वर तिर्की और लाठीकाटा का नेतृत्व धुचू तिग्गा एवं पार्थ ओराम ने किया। कार्यक्रम के अंत में बिलू तिर्की ने सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया।


