राउरकेला, 27//7,(कलिंग समाचार)। बकाया वेतन एवं अन्य कानूनी देय राशि के भुगतान की मांग को लेकर ओरिंड श्रमिकों ने आगामी 5 अगस्त 2026 से अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने का ऐलान किया है। सोमवार को राउरकेला के सारना प्रार्थना सभा स्थल पर आयोजित पत्रकार सम्मेलन में श्रमिक प्रतिनिधियों ने इसकी जानकारी दी।राउरकेला के लाठीकटा स्थित साश्वत इंटरनेशनल लिमिटेड द्वारा संचालित ओरिंड-ओडिशा कारखाना पिछले करीब 15 वर्षों से कथित रूप से अवैध रूप से बंद पड़ा हुआ है। श्रमिकों का आरोप है कि 15 मई 2011 से सरकार के आदेश एवं मुंबई हाईकोर्ट के निर्देशों की अवहेलना करते हुए कंपनी की संपत्तियों की बिक्री कर श्रमिकों और कर्मचारियों के बकाया भुगतान तथा ऋण देने वाले बैंकों की राशि चुकाने की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई।श्रमिकों ने आरोप लगाया कि कुछ स्वार्थी तत्वों द्वारा कंपनी प्रबंधन के सहयोग से भोले-भाले श्रमिकों और कर्मचारियों से नोटरी के माध्यम से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लेकर बहुत कम राशि में समझौता कराया जा रहा है, जो कानूनी रूप से उचित नहीं है।ओरिंड श्रमिकों एवं कर्मचारियों ने मांग की है कि कंपनी प्रबंधन तत्काल सरकार के साथ बातचीत कर सभी कानूनी देय राशि का भुगतान करे। ऐसा नहीं होने पर 5 अगस्त से कंपनी की रेलवे साइडिंग बंद करने सहित अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया जाएगा।पत्रकार सम्मेलन में बताया गया कि लाठीकटा ओरिंड में कार्यरत श्रमिकों और कर्मचारियों का करीब 6 करोड़ रुपये भविष्य निधि (पीएफ), 30 करोड़ रुपये बकाया वेतन, 10 करोड़ रुपये कानूनी देय राशि तथा 10 करोड़ रुपये बोनस एवं अवकाश भुगतान लंबित है।इस अवसर पर ओरिंड एम्प्लाइज एसोसिएशन के उपाध्यक्ष जहांगीर अली, महासचिव अद्वैत प्रसाद राय के अलावा प्रभांशु दास, संजय परिडा, महादेव खलको, अनिल कुमार महांति, सुशांत बिस्वाल, सुलेमान टोप्पो और धूचू टोप्पो प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

