राउरकेला 1/4:(कलिंग समाचार) स्वतंत्र उत्कल प्रदेश के गठन के आज 90 वर्ष पूरे हो गए हैं और प्रदेश का नाम परिवर्तित होकर ‘ओडिशा’ हो चुका है। वर्ष 1936 में स्वतंत्र उत्कल प्रदेश का नवगठन हुआ था। आज ओडिशा अपनी 91वीं जयंती के साथ ओडिशा (उत्कल) दिवस मनाया गयाआज राउरकेला प्रशासन की ओर से बड़े ही धूमधाम के साथ ओडिशा दिवस समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर राउरकेला की अतिरिक्त जिलापाल एवं नगर निगम आयुक्त सुश्री दीना दस्तगीर सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने उत्कल के महान सपूतों— उत्कल गौरव मधुसूदन दास, उत्कलमणि गोपबंधु दास, गजपति कृष्ण चंद्र देव एवं अन्य महापुरुषों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया। उत्कल गौरव मधुसूदन दास की प्रतिमा के पास उपस्थित जनता ने कांतकवि लक्ष्मीकांत महापात्र द्वारा रचित राज्य गान “वंदे उत्कल जननी” का गायन किया। इस अवसर परओडिशा दिवस समारोह के उपलक्ष्य में शहर के विभिन्न सांस्कृतिक, सामाजिक और शैक्षणिक संस्थानों द्वारा ओडिशा दिवस की विषयवस्तु पर आधारित झांकियों की एक शोभायात्रा निकाली गई। यह आकर्षक शोभायात्रा उदितनगर स्थित अंबेडकर चौक से शुरू होकर डेली मार्केट, प्लांट साइट और राउरकेला रेलवे स्टेशन के सामने मधुसूदन मार्ग होते हुए मधुसूदन दास की प्रतिमा के पास संपन्न हुई।मुख्य अतिथियों की उपस्थितिओडिशा दिवस के अवसर पर स्वतंत्र उत्कल प्रदेश के मुख्य सूत्रधार उत्कल गौरव मधुसूदन दास की प्रतिमा पर मुख्य अतिथि राउरकेला विधायक शारदा प्रसाद नायक, एडीएम सह नगर निगम आयुक्त सुश्री दीना दस्तगीर, पानपोष उप-जिलापाल विजय कुमार नायक, राउरकेला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी श्रीमती सीमा फातिमा एक्का तथा विभिन्न सामाजिक संगठन के पदाधिकारी अन्य विशिष्ट व्यक्तियों ने माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर विभिन्न सामाजिक संगठनों के द्वारा रास्ते में शरबत पानी बिस्कुट मट्ठा वितरण किया


