राउरकेला, 20/12:(कलिंग समाचार) ओडिशा के बीजू पटनायक तकनीकी विश्वविद्यालय (BPUT), राउरकेला के छेंड परिसर में ‘इमर्जिंग ट्रेंड्स ऑफ इमर्जिंग टेक्नोलॉजी’ (BMIC-ETET 2025) पर तीन दिवसीय बहु-अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का शुक्रवार को उद्घाटन हुआ। इस सम्मेलन के लिए 300 से अधिक शोध पत्र प्राप्त हुए थे, जिनमें से 86 उच्च गुणवत्ता वाले पत्रों का चयन किया गया है। ये शोध पत्र विभिन्न महत्वपूर्ण क्षेत्रों जैसे इंटेलिजेंट इंफॉर्मेशन एंड कंप्यूटिंग सिस्टम, इंटेलिजेंट मैटेरियल्स, कंपोजिट और स्ट्रक्चरल सोसाइटी, सूचना विज्ञान और स्थिरता, भौतिक, पर्यावरणीय और कंप्यूटर विज्ञान आदि पर आधारित हैं।इस सम्मेलन में 14 देशों के शोधकर्ताओं और विद्वानों ने भाग लिया और अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए। उद्घाटन समारोह नेताजी सुभाष प्रेक्षागृह में आयोजित किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम अध्यक्ष प्रोफेसर श्रीनिवास सेठी, जनरल चेयर प्रोफेसर बिभुदत्त साहू, मुख्य अतिथि के रूप में बेंगलुरु आईआईएससी (IISc) के पूर्व प्रोफेसर एल.एम. पटनायक, बीपीयूटी के कुलपति और मुख्य संरक्षक प्रोफेसर अमिय कुमार रथ तथा कुलसचिव श्रीमती निशि पूनम मिंज मंच पर उपस्थित थे।प्रमुख संबोधन और चर्चाएंप्रोफेसर श्रीनिवास सेठी ने स्वागत भाषण दिया।प्रोफेसर साहू ने शोधकर्ताओं के सामने आने वाली चुनौतियों और यह सम्मेलन उनके समाधान में कैसे मदद करेगा, इस पर चर्चा की।कुलपति प्रोफेसर रथ ने वास्तविक जीवन की समस्याओं को सुलझाने के लिए बहुआयामी शोध के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विश्वविद्यालय की ‘बीपीयूटी हैकाथॉन’ और ‘स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन’ जैसी अनूठी पहलों की जानकारी दी।मुख्य अतिथि प्रोफेसर एल.एम. पटनायक ने इंटरडिसिप्लिनरी (अंतःविषय) शोध, स्थिरता और स्वदेशी तकनीक के विकास पर जोर दिया। उन्होंने मानव जीवन पर तकनीक के प्रभाव और कृषि क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की भूमिका पर भी अपने विचार रखे।इस अवसर पर स्वीकृत सभी शोध पत्रों के सारांश वाली एक पुस्तिका (Abstract Book) का विमोचन भी किया गया। अंत में कुलसचिव श्रीमती निशि पूनम मिंज ने धन्यवाद ज्ञापित किया।प्रतिष्ठित वक्ताओं की उपस्थितिसम्मेलन में दुनिया भर के कई प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों ने अपने विचार साझा किए, जिनमें शामिल हैं:प्रोफेसर एल.एम. पटनायक (मैकगिल विश्वविद्यालय, कनाडा)प्रोफेसर अगस्ता सिमितो (NYUST, ताइवान)प्रोफेसर जी.ए. रवि किरण (किंग फहद विश्वविद्यालय, सऊदी अरब)मुफी महमूद (प्रमुख, जापान मौसम विज्ञान निगम)डॉ. श्रीधर नायक (वैज्ञानिक, हैदराबाद विश्वविद्यालय)प्रोफेसर शिव कुमार उद्गाता (विजिटिंग प्रोफेसर, UKRC फोरनैक्स)डॉ. अमित कुमार मिश्रा (विजिटिंग प्रोफेसर, वेस्ट स्वीडन यूनिवर्सिटी)निष्कर्ष:यह सम्मेलन इंटरडिसिप्लिनरी सहयोग को बढ़ावा देने और अंतर्राष्ट्रीय अनुसंधान साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। उद्घाटन समारोह के दौरान यह विश्वास जताया गया कि यह पहल बीपीयूटी को एक वैश्विक अनुसंधान केंद्र के रूप में स्थापित करने और शैक्षणिक एवं औद्योगिक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान देने में सहायक होगी।

