राउरकेला:10//12,(कलिंग समाचार) छेन्ड स्थित चिन्मय इंग्लिश मीडियम स्कूल का 34वां द्विवसीय वार्षिक उत्सव “चिन्मय स्पंदनम” भव्य रूप से संपन्न हो गया है। स्कूल के अध्यक्ष और शिक्षाविद् शंकर प्रसाद त्रिपाठी की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम के पहले दिन फकीर मोहन विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. कुमरबर दास मुख्य अतिथि के रूप में, और चिन्मय मिशन राउरकेला की ब्रह्मचारिणी प्रतिभा चैतन्य तथा प्रबंधन समिति के महासचिव रमाकांत पंडा सम्मानित अतिथि के रूप में शामिल हुए। दूसरे दिन, बीजू पटनायक तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डॉ. अमिय कुमार रथ मुख्य अतिथि के रूप में, और चिन्मय मिशन के प्रमुख स्वामी अरूपानंदजी सम्मानित अतिथि के रूप में उपस्थित थे।पहले दिन के मुख्य अतिथि डॉ. दास ने छात्र-छात्राओं को आशीर्वाद देते हुए कहा कि जब पेशा और जुनून (निशा) एक साथ मिलते हैं, तभी सफलता प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि विद्यालय कोई मनुष्य बनाने का कारखाना नहीं है, बल्कि यह वह संस्थान है जो मनुष्य के भीतर मानवता भरता है। एक विद्यार्थी के लिए, पिता शक्तिशाली, माता सुंदर और गुरु प्रशंसनीय होते हैं।उन्होंने जोर देकर कहा कि विवेकहीन विज्ञान घातक है। उन्होंने यह भी कहा कि “सामूहिक कल्याण में मेरा कल्याण है” की भावना होनी चाहिए, न कि “मेरे कल्याण में सामूहिक कल्याण है” की।दूसरे दिन के मुख्य अतिथि प्रो. रथ ने अपने वक्तव्य में कहा कि भारतीय शिक्षण व्यवस्था मूल्य-आधारित है और यह पूरे विश्व के लिए एक प्रेरणा है, जिसकी वजह से भारत के विशाल मानव संसाधन ने पूरे विश्व को अपनी ओर आकर्षित करने में सफलता प्राप्त की है।अध्यक्षीय भाषण में शिक्षाविद् श्री त्रिपाठी ने कहा कि संवेदनशीलता एक अच्छा इंसान बनाती है। इसके साथ ही, उन्होंने सकारात्मक और नकारात्मक पहलुओं पर प्रकाश डाला और मूल्य-आधारित शिक्षा पर जोर दिया।सम्मानित अतिथि ब्रह्मचारिणी प्रतिभा चैतन्य ने विद्यार्थी जीवन में शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में बताया, और पूज्य अरूपानंदजी ने चिन्मय मिशन के आगामी कार्यक्रमों की जानकारी दी।विद्यालय की प्राचार्या शर्मिष्ठा कविशतपथी ने वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की और बताया कि कैसे स्कूल के छात्र-छात्राओं ने राष्ट्रीय स्तर के शिक्षण संस्थानों में शिक्षा प्राप्त कर देश-विदेश में अपना और विद्यालय का नाम गौरवान्वित किया है।इस अवसर पर, परीक्षाओं और विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को अतिथियों द्वारा पुरस्कृत किया गया।इस मौके पर, पहले दिन छात्र-छात्राओं ने ‘रानी सुखदेई’ नाटक और दूसरे दिन उड़िया तथा हिंदी नाटकों के साथ-साथ विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।कार्यक्रम का संचालन तमसा पात्रा और शाश्वती महापात्रा ने किया, जबकि अंत में प्रबंधन समिति के महासचिव रमाकांत पंडा ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इस कार्यक्रम के सफल संचालन में आलोक कुमार मल्लिक, सुब्रत महापात्रा, अभय कुमार दास, निहारिका बस्तिया, राजीव पाणि, नबघन साहू, महेंद्र पटनायक, विजयलक्ष्मी पटनायक, हरिहर शतपथी, आलोक कवि शतपथी, काशीनाथ नंदी सहित विद्यालय के सभी शिक्षक, शिक्षिकाएं और कर्मचारीगण ने सहयोग किया।

