राउरकेला:7//9,(कलिंग समाचार) के भज भवन परिसर में स्टील वर्कर फेडरेशन ऑफ इंडिया का दसवां राष्ट्रीय सम्मेलन को लेकर कमेटी के अध्यक्ष तपन सेन ने पत्रकारों को कहा कि मोदी सरकार के देश विरोधी प्राइवेट पॉलिटिकल सेक्टर समेत स्टील प्लांट को निजीकरण करने का जो षड्यंत्र कर रहे हैं उसका हम विरोध करते हैं और करते रहेंगे आयरन और स्टील उत्पादन का लाइफ लाइन है उसके बिना कोई भी प्लांट नहीं चलेगा खासकर सुंदरगढ़ जिले के सेल बारसूए ताल्डी कालटा जो माइंस एरिया है आयरन और से स्टील प्लांट चल रहे हैं वहां के लोगों को उसे प्रकार की मौलिक सुविधा नहीं मिल रही है खासकर वर्कर को यह सरकार अडानी अबानी को केवल देख रही है उद्योगपति के इशारे पर चल रही है हम सेल प्लांट के मॉर्डनाइजेशन का विरोध नहीं कर रहे हैं माड्यूलेशन होना चाहिए लेकिन निजीकरण नहीं होना चाहिए मॉडर्नाइजेशन की आड़ में निजीकरण की साजिश हम होने नहीं देंगे आज माइंस को अडानी के इशारे पर दिया जा रहा है सीटू हर समय निजीकरण का विरोध करेगा जिसका जालंत उदाहरण भेजाक स्टील प्लांट का है इस प्लांट को बंद करने की साजिश की जा रही है वर्कर को बुनियादी सुविधा नहीं दी जा रही है नहीं माइंस को चलाने की कोशिश की जा रही है केवल निजीकरण करने के लिए प्लांट को बंद करने की साजिश की जा रही है वर्कों को बुनियादी सुविधाएं जैसे वर्कों के लिए एम ओ यू किया गया है जिसमें सीटू साइन नहीं किया है ठेका मजदूरों को भी रेगुलर करना चाहिए वर्कों के लिए वेतन में बढ़ोतरी 37 महीना का एरियर समेत अन्य बकाया मिलना चाहिए हर प्रकार की मौलिक सुविधा वर्कर को मिलनी चाहिए जो नहीं हो रहा है स्टील प्लांट में ठेकेदार बदली होने से वर्कर को भी बदली किया जाता है जो नहीं होना चाहिए खासकर सुंदरगढ़ जिले में माइनिंग एरिया है जहां मैन्युअल काम होना चाहिए लोडिंग अनलोडिंग में मजदूरों को लगाना चाहिए वही मोदी सरकार सेल को निजीकरण करने की जो साजिश चल रहे हैं उसे हम कभी पूरा नहीं होने देंगे वही आज स्टील फेडरेशन ऑफ इंडिया की नई राष्ट्रीय कमेटी में तपन सेन अध्यक्ष ललित मिश्र महासचिव विष्णु महंती उपाध्यक्ष वर्किंग कमेटी में विमान माईती समेत आदित्य राम बी डी प्रसाद विश्वरूप बनर्जी पी परमेश्वरम सुरेश कुमार प्रयुक्त बनर्जी प्रसनजीत मंडल बसंत नायक प्रमोद समाल राजकिशोर प्रधान उपस्थित थे आज के इस बैठक में पूरे देश के कई राज्यों से श्रमिक नेता स्टील फेडरेशन ऑफ इंडिया के दसवें सम्मेलन के दूसरे दिन शामिल थे

