पश्चिम रेंज स्तर पर कार्यशाला में जुटे विशेषज्ञ
राउरकेला:6//2,(कलिंग समाचार)डायन प्रथा एवं जादू-टोना जैसी कुरीतियों की रोकथाम को लेकर छह फ़रवरी शुक्रवार को शहर के पंथनिवास में सेमिनार व कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की मेजबानी पश्चिम रेंज पुलिस प्रशासन ने की और इसकी अध्यक्षता स्वयं डी आई जी बृजेश राय ने की। कार्यशाला के माध्यम से समाज में व्याप्त अंधविश्वास, विशेषकर डायन प्रथा और उससे जुड़ी हिंसक घटनाओं की रोकथाम को लेकर जागरूकता फैलाने पर जोर दिया गया।मीडिया से सहयोग की अपील करते हुए वक्ताओं ने कहा कीइस सामाजिक सरोकार से जुड़े विषय को व्यापक जनमानस तक पहुंचाया कर ही डायन प्रथा का उन्मूलन संभव है। जादू टोना(गुनिया-गरेड़ी) और डायन (डाहानी) प्रथा जैसी अंधविश्वास से जुड़ी कुप्रथाओं के उन्मूलन को लेकर आयोजित कार्यशाला में ओडिशा में प्रचलित जादू टोना और डायन प्रथा की रोकथाम हेतु बने कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तृत चर्चा की गई। अधिकारियों को बताया गया कि किस प्रकार कानूनी प्रावधानों के माध्यम से इन सामाजिक बुराइयों पर अंकुश लगाया जा सकता है।इस अवसर पर पश्चिम रेंज के डी आई जी ब्रिजेश कुमार राय, राउरकेला पुलिस अधीक्षक नितेश वाधवानी, संबलपुर विश्वविद्यालय, बुर्ला के स्नातकोत्तर विधि विभाग के प्रोफेसर (डॉ.) मीना केतन साहू एवं सहायक प्रोफेसर अंकिता कुमारी सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।कार्यशाला का उद्घाटन डी आई जी ब्रिजेश कुमार राय ने किया। स्वागत भाषण में पुलिस अधीक्षक नितेश वाधवानी ने जादू टोना एवं डायन प्रथा निषेध कानून की जानकारी दी और इसके सामाजिक महत्व पर प्रकाश डाला।मुख्य वक्ता प्रोफेसर डॉ. मीना केतन साहू ने बताया कि वर्ष 1792 में ब्रिटिश शासनकाल के दौरान इन प्रथाओं को अंधविश्वास के रूप में चिन्हित किया गया था। उन्होंने कहा कि ओडिशा सरकार ने वर्ष 2013 में गुनिया-गरेड़ी और डायन प्रथा उन्मूलन कानून पारित किया, जो 2014 से प्रभावी हुआ। उन्होंने समाज में जागरूकता की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि आज भी कुछ मुट्ठीभर लोग इन कुप्रथाओं का दुरुपयोग कर निर्दोष लोगों को प्रताड़ित करते हैं, यहां तक कि हत्या जैसी जघन्य घटनाओं को अंजाम देते हैं, जिससे पूरे परिवार उजड़ जाते हैं।डॉ. साहू ने पुलिस अधिकारियों से अपील की कि वे 2014 के कानून को सख्ती से लागू कर इन कुप्रथाओं के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करें।कार्यक्रम के अंत में राउरकेला के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजकिशोर मिश्रा ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

