बीरमित्रपुर, 24/6:(कलिंग समाचार) करंट की चपेट में आए अपने पोते को बचाने के प्रयास में अपनी जान गंवाने वाले दादा इसडोर कुसमा के परिवार के लिए मुआवजे की मांग तेज हो गई है।बुधवार को करंट लगने से मृत इसडोर के शव को जहाँ रखा गया था, उस बीरमित्रपुर अस्पताल के बाहर बड़ी संख्या में ग्रामीण इकट्ठा हुए। उन्होंने शोक संतप्त परिवार के लिए उचित मुआवजे की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। बीरमित्रपुर के विधायक रोहित जोसेफ तिर्की ने भी अस्पताल का दौरा किया और अधिकारियों से पीड़ित परिवार को मुआवजा देने का अनुरोध किया। इसके साथ ही उन्होंने इस दुखद घटना की परिस्थितियों की गहन जांच कराने की मांग भी की है।जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक घटना मंगलवार को सुंदरगढ़ जिले के रायबोगा थाना अंतर्गत जयकुदर गांव में घटी। करंट की चपेट में आए इसडोर का पोता दुर्घटनावश एक खुले बिजली के तार के संपर्क में आ गया था। बच्चे को करंट लगता देख, उसे बचाने के लिए दादा इसडोर तुरंत आगे बढ़े। लेकिन इस कोशिश में वे खुद भी करंट की चपेट में आ गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।अन्य लोग भी हुए घायलबचाव के प्रयास के दौरान, मृतक इसडोर के छोटे भाई मिखेल कुसमा ने भी उन्हें बचाने की कोशिश की, जिससे वे भी घायल हो गए।करंट लगने से जहाँ इसडोर की मृत्यु हो गई, वहीं उनके पोते और छोटे भाई गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।वर्तमान में दोनों का राउरकेला के एक निजी अस्पताल के आईसीयू (ICU) में इलाज चल रहा है।विधायक ने जांच की मांग कीइस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए बीरमित्रपुर के विधायक रोहित जोसेफ तिर्की ने घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि टाटा पावर द्वारा बिजली के तारों को लापरवाही से खींचकर उस स्थान पर खुला छोड़ दिया गया था, जिसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से इस लापरवाही के जिम्मेदार लोगों की पहचान करने और भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोकने के लिए उचित कदम उठाने का अनुरोध किया है।इस घटना के बाद पूरे इलाके में गहरा शोक और आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय निवासियों ने पीड़ित परिवार के लिए मुआवजे और अवैध बिजली कनेक्शनों पर कड़ी निगरानी रखने की मांग की है।

