राउरकेला:23//10,(कलिंग समाचार)सेल,राउरकेला इस्पात संयंत्र (आर.एस.पी.) ने राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम लिमिटेड (एन.सी.आई.सी.) और राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम (एन.एस.टी.एफ.डी.सी.) के सहयोग से 22 अक्टूबर, 2026 को राउरकेला स्थित एल.बी.आई. में एक त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते का उद्देश्य सुंदरगढ़ जिले और आसपास के क्षेत्रों के वंचित अनुसूचित जनजाति (एस.टी.) के युवाओं के लिए कौशल विकास तथा सतत आजीविका के अवसरों को बढ़ावा देना है। इस समझौता ज्ञापन पर एन.एस.आई.सी. लिमिटेड के वरिष्ठ महा प्रबंधक (टी.टी.डी.वी. एवं एस. प्रबंधक, श्रीमती बिस्मिता दास तथा आर.एस.पी. के मुख्य महा प्रबंधक (टी.एस. एवं सी.एस.आर.), श्री तपनकुमार जी. कानेकर ने हस्ताक्षर किए। हस्ताक्षर समारोह में एन.एस.टी.एफ.डी.सी. के सी.एम.डी तथा भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव, श्री टी.रौमुआन पाइते सहित संबंधित संगठनों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। इस पहल के अंतर्गत जनजातीय युवाओं को छह व्यवसायों में व्यावसायिक कौशल विकास प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इनमें स्वरोजगार हेतु सिलाई, सहायक ब्यूटीशियन, सहायक कंप्यूटर ऑपरेटर, ब्रेड एवं बेकरी निर्माण, मशरूम की खेती और इलैक्ट्रीशियन प्रशिक्षण शामिल हैं। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उद्देश्य लाभार्थियों को व्यावहारिक एवं बाजार की मांग के अनुरूप कौशल प्रदान करना है, ताकि उनकी रोजगार पाने की क्षमता बढ़े तथा वे स्वरोजगार और आय अर्जित करने के अवसरों का लाभ उठा सकें। इस पहल की एक प्रमुख विशेषता महिला सशक्तीकरण पर इसका विशेष ध्यान है। कार्यक्रम के कुल लाभार्थियों में 60 प्रतिशत से अधिक महिलाएं होंगी। व्यावसायिक प्रशिक्षण और आजीविका के अवसरों तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करके यह कार्यक्रम उनकी आर्थिकआत्मनिर्भरता को मजबूत करने तथा जनजातीय समुदायों के सामाजिक-आर्थिक विकास में योगदान देने का प्रयास करेगा। इस सहयोगात्मक पहल के माध्यम से एन.एस.आई.सी., एन.एस.टी.एफ.डी.सी. और आर.एस.पी. ने समावेशी कौशल विकास, जनजातीय कल्याण, उद्यमिता तथा सतत आजीविका सृजन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। इस साझेदारी से वंचित जनजातीय युवाओं के लिए सार्थक अवसर सृजित होने और उन्हें आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने में सहायता मिलने की उम्मीद है।

