राउरकेला:8//10,(कलिंग समाचार)सेल के राउरकेला स्टील प्लांट (आरएसपी) स्थित इस्पात जनरल अस्पताल (आईजीएच) केडॉक्टरों ने 5 अक्टूबर 2026 को 18 माह के एक बच्चे की श्वासनली में फंसे मूंगफली केछिलके को सफलतापूर्वक निकालकर उसकी जान बचाई। कठोर ब्रोंकोस्कोपी (RigidBronchoscopy) के माध्यम से टेलीस्कोपिक एंडोस्कोपिक मार्गदर्शन में बाहरी चीज़ कोसफलतापूर्वक निकाला गया, जिससे संभावित रूप से जानलेवा स्थिति को टाल दिया गया।बच्चे अबान अंसारी ने 5 अक्टूबर 2026 को लगभग शाम 5:30 बजे गलती से मूंगफली का कड़ा सांस के साथ श्वसन मार्ग में खींच लिया था। बताया गया है कि परिजन उसे चार नजदीकी अस्पतालों में ले गए, लेकिन वहां आवश्यक ब्रोंकोस्कोपी सुविधा या उपकरण उपलब्ध नहीं होने के कारण उपचार नहीं हो सका। इसके बाद बच्चे को रात लगभग 7:30 बजे आईजीएच लाया गया। अस्पताल में भर्ती किए जाने के समय बच्चे की स्थिति बेहद गंभीर थी। उसे सांस लेने में अत्यधिक परेशानी, बाइफेसिक स्ट्राइडर (सांस लेते और छोड़ते समय तेज आवाज) तथा हाथ- पैर ठंडे पड़ने जैसे लक्षण थे, जो उसकी गंभीर स्थिति का संकेत दे रहे थे। बाल चिकित्साविभाग में मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रभारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं), डॉ. जे के आचार्य, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी, डॉ. माया बोस तथा वरिष्ठ परामर्शदाता (बाल चिकित्सा), डॉ. पूनम एक्का के मार्गदर्शन में तत्काल बच्चे को भर्ती कर आपातकालीनपुनर्जीवन एवं उपचार शुरू किया गया। बच्चे की गंभीर स्थिति और तत्काल हस्तक्षेप की आवश्यकता को देखते हुए उसे बिना किसी देरी के ऑपरेशन थिएटर ले जाया गया। यह प्रक्रिया विशेषज्ञ ईएनटी टीम द्वारा की गई, जिसमें उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं विभागाध्यक्ष (ईएनटी), डॉ. गौतम दास तथा वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी (ईएनटी), डॉ. मधुस्मिता होता शामिल थीं। एनेस्थीसिया टीम में अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी, डॉ. एम. सामंतराय, तथा वरिष्ठ परामर्शदाता, डॉ. एस. कुजूर शामिल थे। लगभग 30 मिनट तक चली चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया के बाद चिकित्सकों ने टेलीस्कोपिक एंडोस्कोपिक मार्गदर्श Bronchus) में फंसे मूंगफली के छिलके को सफलतापूर्वक ढूंढकर बाहर निकाल लिया। प्रक्रिया के बाद बच्चे की स्थिति स्थिर हो गई और उसे निगरानी एवं आगे के उपचार के लिए पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (PICU) में स्थानांतरित कर दिया गया। बच्चे कीसांस लेने की तकलीफ़ काफ़ी कम हो गई है और अब वह सामान्य रूप से सांस ले रहा है तथा बिना ऑक्सीजन के सामान्य रूप से सांस ले पा रहा है। आईजीएच में बच्चों और वयस्कों में आकस्मिक रूप से बाहरी वस्तुओं के श्वसन मार्ग या भोजन नली में चले जाने अथवा फंस जाने के मामलों के उपचार का अनुभव है। अस्पताल में सिक्के, पिन, बटन और चिकन की हड्डी जैसी विभिन्न वस्तुओं के श्वसन मार्ग या भोजन नली में फंसने के कई मामलों का सफलतापूर्वक उपचार किया जा चुका है। इस गंभीर मामले का सफल प्रबंधन एक बार फिर आईजीएच में उपलब्ध विशेषज्ञ आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं और उन्नत चिकित्सा विशेषज्ञता को रेखांकित करता है। यह क्षेत्र के लोगों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए अस्पताल की निरंतर प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।

