राउरकेला, 19//2(कलिंग समाचार): राउरकेला पुलिस ने आज दो अलग-अलग आपराधिक मामलों का खुलासा करते हुए 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से ₹30,लाख65, हजार नकद, एक महिंद्रा थार कार, दो आईफोन और 5 स्मार्टफोन बरामद किए हैं। इस बात की जानकारी राउरकेला जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित एक पत्रकार सम्मेलन में दी गई। सम्मेलन में पश्चिम आंचल रेंज के पुलिस उप-महानिरीक्षक बृजेश कुमार राय, राउरकेला एसपी नितेश वाधवानी और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित थे। टी-20 वर्ल्ड कप पर सट्टेबाजी का भंडाफोड़ सूचना के अनुसार, राउरकेला के बंधमुंडा सेक्टर-बी से संचालित एक संगठित सिंडिकेट द्वारा टी-20 क्रिकेट विश्व कप 2026 पर अवैध सट्टेबाजी की विश्वसनीय जानकारी मिली थी। पुलिस ने विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर 6 लोगों को गिरफ्तार किया। इस दौरान सट्टेबाजी में इस्तेमाल किए जा रहे ₹30. लाख65 हजार नकद, मोबाइल फोन, लैपटॉप और वाहन जब्त किए गए।प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से क्रिकेट सट्टेबाजी और जुआ संचालित कर रहे थे। इनका मुख्य उद्देश्य लोगों को भारी मुनाफे का लालच देकर ठगना और उनका शोषण करना था।मुख्य आरोपी रोहित भगत ने बताया कि वह अपने भाई पंकज कुमार भगत और सहयोगियों सोनू राव, मुकेश साहू के साथ मिलकर “सिल्वर एक्सचेंज” नामक ऑनलाइन गेमिंग ऐप के जरिए सट्टा चला रहा था।जांच में बिरसाडा़हर रोड के जितेंद्र अग्रवाल और सुरेश कुमार खेमका की संलिप्तता भी पाई गई है, जो इस अवैध कारोबार में निवेश और समर्थन कर रहे थे।: यह सिंडिकेट केवल राउरकेला ही नहीं, बल्कि ओडिशा के अन्य हिस्सों और अंतर्राज्यीय स्तर पर भी फैला हुआ था।गिरफ्तार आरोपी: रोहित भगत (27), पंकज कुमार भगत (31), सोनू राव (30), मुकेश साहू (48), जितेंद्र अग्रवाल (42) और सुरेश खेमका (56)।जब्त सामान: ₹30,65,000 नकद, आईफोन दो, महिंद्रा थार (OD 14 AE 4668), और कई स्मार्टफोन। रोहित भगत के खिलाफ पहले से 4 और पंकज भगत के खिलाफ 10 मामले दर्ज हैं।”साइबर कवच” अभियान के तहत कार्रवाई राउरकेला पुलिस ने राज्य स्तरीय “साइबर कवच” पहल के तहत साइबर धोखाधड़ी नेटवर्क के खिलाफ अभियान को तेज कर दिया है। इस अभियान का उद्देश्य बैंक खाता धोखाधड़ी, एटीएम और चेक फ्रॉड करने वाले संगठित गिरोहों को रोकना है। पुलिस ने अब तक 10 साइबर अपराध मामले दर्ज किए हैं और 17 आरोपियों की पहचान की है। जांच के दौरान कुल 86 “म्यूल” बैंक खातों का पता चला है, जिनमें लगभग 8 करोड़ 14 लाख से अधिक के संदिग्ध लेनदेन पाए गए हैं। यह नेटवर्क पूरे भारत में कई मामलों से जुड़ा हुआ है।पुलिस ने नागरिकों से सतर्क रहने और किसी भी साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत रिपोर्ट करने की अपील की है।


