राउरकेला, 31//1,(कलिंग समाचार): भ्रष्टाचार के विरुद्ध एक अनोखा और ध्यानाकर्षक विरोध प्रदर्शन राउरकेला के लाठीकटा ब्लॉक में देखने को मिला। सैकड़ों आदिवासियों और स्थानीय निवासियों ने राउरकेला के पास स्थित लाठीकटा तहसील कार्यालय के सामने जोरदार प्रदर्शन किया। आंदोलनकारियों ने मुख्य गेट पर ताला लगा दिया और अपने हाथों में मुर्गा लेकर अपना आक्रोश व्यक्त किया।प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि तहसील के अधिकारी रिश्वत की मांग कर रहे हैं और विभिन्न सेवाओं के लिए कार्यालय आने वाले गरीब और आदिवासी लाभार्थियों के साथ दुर्व्यवहार कर रहे हैं। रिश्वतखोरी और उत्पीड़न के विरोध स्वरूप, प्रदर्शनकारियों ने कार्यालय के गेट पर ताला लगाकर एक प्रतीकात्मक और अद्वितीय आंदोलन शुरू किया, जिसने आम जनता का ध्यान अपनी ओर खींचा।आंदोलनकारियों के अनुसार:लंबित फाइलें जमीन के रिकॉर्ड, प्रमाण पत्र और अन्य सरकारी सेवाओं के लिए आने वाले लोग बार-बार उत्पीड़न का शिकार हो रहे हैं। लाभार्थियों को कार्यालय के कई चक्कर लगाने पड़ते हैं, फिर भी फाइलें आगे नहीं बढ़तीं। आरोप है कि बिना पैसे दिए कोई काम नहीं होता। प्रदर्शनकारियों ने स्थिति को “अमानवीय” बताया और अधिकारियों पर आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के शोषण का आरोप लगाया।इस आंदोलन के कारण तहसील कार्यालय लंबे समय तक बंद रहा, जिससे कई अन्य लोगों को बिना काम कराए ही वापस लौटना पड़ा।प्रशासनिक हस्तक्षेप और आश्वासनकानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका को देखते हुए मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया था। घटना की सूचना मिलते ही रघुनाथपल्ली विधायक दुर्गाचरण तंती वहां पहुंचे और आंदोलनकारियों के साथ बैठकर उनकी शिकायतों को सुना।बाद में, पानपोष के उप-जिलाधिकारी विजय कुमार नायक भी घटनास्थल पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से चर्चा की। श्री नायक ने आश्वासन दिया कि संबंधित तहसील कर्मचारियों के खिलाफ लिखित शिकायत मिलने के बाद उचित दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन के इस ठोस भरोसे के बाद, आंदोलनकारियों ने शांतिपूर्ण ढंग से अपना धरना वापस ले लिया।

