राउरकेला,30//12,(कलिंग समाचार): राउरकेला पुलिस ने सोमवार को एक बड़ी छापेमारी के दौरान एक अंतर्राज्यीय हथियार रैकेट का भंडाफोड़ करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने नागालैंड से अवैध रूप से हथियार लाइसेंस प्राप्त करने, उन्हें पूरे भारत के लिए वैध दिखाने और फर्जी दस्तावेज तैयार करने में संलिप्त 3 अपराधियों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से तीन पिस्तौल, 35 जिंदा कारतूस और एक मोबाइल फोन जब्त किया गया है।रैकेट का काम करने का तरीकापुलिस की सूचना के अनुसार, शहर में बढ़ते अवैध हथियारों के कारोबार को देखते हुए एक विशेष अभियान शुरू किया गया था। गुप्त सूचना के आधार पर राउरकेला के विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की गई। जांच में पता चला कि यह गिरोह लोगों को ‘ऑल इंडिया वैलिड’ (पूरे भारत में वैध) लाइसेंस दिलाने का लालच देकर प्रति लाइसेंस 5 लाख से 10 लाख रुपये वसूलता था।प्रारंभिक जांच से पता चला है कि यह रैकेट राउरकेला, कोलकाता और नागालैंड के बीच सक्रिय था। इस गिरोह ने पहले ही फर्जी दस्तावेजों के जरिए कुछ लाइसेंस बनवाकर राउरकेला के कई लोगों को बेचे हैं।गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरणरचन कुमार शाह (58 वर्ष): निवासी बसंती कॉलोनी, राउरकेला। यह इस अवैध गिरोह का मुख्य सरगना (King-pin) है।रमनदीप सिंह (36 वर्ष): निवासी सिविल टाउनशिप, राउरकेला। इसने फर्जी तरीके से नागालैंड से हथियार और लाइसेंस प्राप्त किया था।मनदीप सिंह: निवासी सिविल टाउनशिप, राउरकेला। यह भी अवैध हथियार और लाइसेंस रखने में शामिल था।जब्त की गई वस्तुएंरचन कुमार शाह से: एक .32 NP चोरी की पिस्तौल, 25 राउंड जिंदा कारतूस, एक मोबाइल फोन (जिसमें डिजिटल सबूत और दस्तावेज हैं), राउरकेला अतिरिक्त जिलाधिकारी (ADM) द्वारा जारी हथियार लाइसेंस और नागालैंड से जारी फर्जी लाइसेंस।रमनदीप सिंह से: एक NP FG 25074 रिवॉल्वर और 5 राउंड जिंदा कारतूस।मनदीप सिंह से: एक NP FG 25074 (.32 मार्क K-III) रिवॉल्वर, 5 राउंड जिंदा कारतूस और नागालैंड से जारी हथियार लाइसेंस।पश्चिमांचल पुलिस उप-महानिरीक्षक (DIG) बृजेश कुमार राय और राउरकेला पुलिस अधीक्षक (SP) मितेश वाधवानी ने आज पुलिस मुख्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में इस पूरे मामले की विस्तृत जानकारी दी।


