राउरकेला, 23/12:(कलिंग समाचार) ओडिशा के बीजू पटनायक तकनीकी विश्वविद्यालय (BPUT), राउरकेला के छेंड कैंपस में ‘उभरती प्रौद्योगिकी की नवीन प्रवृत्तियों’ पर आयोजित तीन दिवसीय बहु-अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन रविवार को संपन्न हो गया। इस सम्मेलन में 300 से अधिक शोध पत्र प्राप्त हुए थे, जिनमें से 86 उच्च गुणवत्ता वाले शोध पत्रों का चयन किया गया।ये शोध पत्र विभिन्न महत्वपूर्ण क्षेत्रों जैसे इंटेलिजेंट इंफॉर्मेशन एंड कंप्यूटिंग सिस्टम, इंटेलिजेंट मैटेरियल्स, हाइब्रिड एंड स्ट्रक्चरल सोसाइटी, इंफॉर्मेशन साइंस एंड सस्टेनेबिलिटी, भौतिक, पर्यावरणीय और कंप्यूटर विज्ञान आदि विषयों पर आधारित थे। सम्मेलन में 14 देशों के शोधकर्ताओं और विद्वानों ने भाग लिया और अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए।समापन समारोह की मुख्य बातेंसम्मेलन का समापन समारोह नेताजी सुभाष प्रेक्षागृह में आयोजित किया गया। इस अवसर पर निम्नलिखित गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे:प्रोफेसर श्रीनिवास सेठी (प्रोग्राम चेयर)प्रोफेसर विभुदत्त साहू (जनरल चेयर)प्रोफेसर एल.एम. पटनायक (मुख्य अतिथि, पूर्व प्रोफेसर IISc बेंगलुरु)प्रोफेसर अमिय कुमार रथ (कुलपति, बीपीयूटी एवं मुख्य संरक्षक)श्रीमती निशि पूनम मिंज (कुलसचिव, बीपीयूटी)प्रमुख संबोधनप्रोफेसर श्रीनिवास सेठी और प्रोफेसर साहू ने शोधकर्ताओं के सामने आने वाली चुनौतियों और इस सम्मेलन द्वारा उनके समाधान की दिशा में किए गए प्रयासों पर चर्चा की।कुलपति प्रोफेसर रथ ने वास्तविक जीवन की समस्याओं को सुलझाने के लिए बहुआयामी (Multidisciplinary) शोध के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बीपीयूटी हैकाथॉन और स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन जैसी विश्वविद्यालय की अनूठी पहलों का भी उल्लेख किया।मुख्य अतिथि प्रोफेसर एल.एम. पटनायक ने इंटरडिसिप्लिनरी रिसर्च, स्थिरता और स्वदेशी तकनीक के विकास पर जोर दिया। उन्होंने मानव जीवन पर प्रौद्योगिकी के प्रभाव और कृषि क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की भूमिका पर भी अपने विचार रखे।इस अवसर पर स्वीकृत सभी शोध पत्रों के सारांश वाली एक पुस्तिका (Abstract Book) का विमोचन किया गया। अंत में कुलसचिव श्रीमती निशि पूनम मिंज ने धन्यवाद ज्ञापित किया।कार्यक्रम में प्रोफेसर शिवकुमार मिश्रा, डॉ. विक्रमादित्य दाश, डॉ. डी चंद्रशेखर राव, डॉ. शुभेंदु रथ सहित विश्वविद्यालय के अन्य अधिकारी, प्राध्यापक और कर्मचारी उपस्थित थे।विशिष्ट वक्ताओं की भागीदारीतीन दिवसीय इस सम्मेलन में दुनिया भर के प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों ने अपने विचार साझा किए, जिनमें शामिल थे:मैकगिल विश्वविद्यालय (कनाडा) के प्रोफेसर।ताइवान NYUST विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अगस्तसा सिमितो।किंग फहद विश्वविद्यालय (सऊदी अरब) के प्रोफेसर जी.ए. रवि किरण।जापान मौसम विज्ञान निगम के प्रमुख मुफी महमूद।हैदराबाद विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक डॉ. श्रीधर नायक।UKRC फोरनैक्स के विजिटिंग प्रोफेसर शिव कुमार उद्गाता।वेस्ट स्वीडन यूनिवर्सिटी के विजिटिंग प्रोफेसर डॉ. अमित कुमार मिश्रा।अतिथियों ने आशा व्यक्त की कि यह सम्मेलन इंटरडिसिप्लिनरी सहयोग को बढ़ावा देने के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय अनुसंधान भागीदारी को मजबूत करेगा। यह बीपीयूटी को एक विश्व स्तरीय अनुसंधान केंद्र के रूप में स्थापित करने और शैक्षणिक एवं औद्योगिक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान देने में सहायक होगा।यह तीन दिवसीय बहु-अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन (19 से 21 दिसंबर 2025) रविवार को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

