राउरकेला 27/11:(कलिंग समाचार)जिला स्वास्थ्य समिति सुंदरगढ़ और एन.टी.पी.सी. दल्लीपाली स्थित निरामय अस्पताल के संयुक्त तत्वावधान में दूसरे चरण का हाइड्रोसील सर्जरी शिविर आयोजित किया गया। सरकार के फाइलेरिया मुक्त अभियान कार्यक्रम के तहत विभिन्न गतिविधियों में से हाइड्रोसील ऑपरेशन एक मुख्य कार्यक्रम है। इस संदर्भ में, जिला प्रशासन, जिला स्वास्थ्य समिति, सुंदरगढ़ और निरामय अस्पताल, दल्लीपाली के संयुक्त प्रयास से आयोजित इस शिविर में कुल 21 व्यक्तियों का हाइड्रोसील ऑपरेशन किया गया। लेफरीपाड़ा ब्लॉक और हेमगिर ब्लॉक के मरीजों को इस शिविर में लाया गया था। निरामय अस्पताल, दल्लीपाली की मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अपराजिता मिश्रा के प्रत्यक्ष पर्यवेक्षण में यह शिविर आयोजित किया गया।एन.टी.पी.सी. दल्लीपाली की ओर से मरीजों को भोजन, पेय, दवाइयां, मच्छरदानी और बेडशीट मुफ्त में प्रदान किए गए। एन.टी.पी.सी. दल्लीपाली की ओर से एच.ओ.पी. फ़ैज़ तैयब, एच.ओ. एच.आर. श्रीमती प्रभाती सिंह, नवीन अमिताभ बक्सला और अन्य अधिकारियों ने भागीदारी की। जिला स्वास्थ्य समिति की ओर से डॉ. सुरेश चंद्र मोहंती, जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी, और सुंदरगढ़ सरकारी मेडिकल कॉलेज से डॉ. प्रदीप भोई उपस्थित थे।डॉ. मोहंती ने अपने संबोधन में कहा था कि क्यूलेक्स मच्छर के काटने से आमतौर पर फाइलेरिया और हाइड्रोसील होता है। इस मच्छर के काटने के 5 से 15 वर्षों के भीतर हाथीपाँव (गोदड़ पैर) और अंडकोष में वृद्धि होने की संभावना रहती है।जिला वेक्टर जनित रोग सलाहकार बसंत कुमार पांडा, वेक्टर जनित रोग तकनीकी पर्यवेक्षक ज्योत्सना नायक और सुभाष चंद्र प्रधान ने सक्रिय भूमिका निभाई।

