राउरकेला,21//8,(कलिंग समाचार)कल सुंदरगढ़ जिले के लठिकटा तहसीलदार सह सब-रेजिस्ट्रार मुरलीधर उर्माल की स्कॉर्पियो से 5 लाख रुपये नकद और उनकी गाड़ी को विजिलेंस विभाग द्वारा जब्त कर लिया गया था। साथ ही, राउरकेला स्थित उनके आवास समेत 3 ठिकानों पर छापेमारी जारी थी।आज विजिलेंस विभाग द्वारा 5 लाख रुपये और स्कॉर्पियो जब्ती के अलावा, सुंदरगढ़ और राउरकेला में घर की तलाशी के दौरान श्री उर्माल के घर से 5.74 लाख रुपये नकद और मिले। इस प्रकार अब तक श्री उर्माल के पास से कुल 10.74 लाख रुपये नकद जब्त किए जा चुके हैं। इसके अलावा तलाशी में अन्य संपत्तियां और मूल्यवान वस्तुएं भी सामने आई हैं, जिनमें शामिल हैं:सुंदरगढ़ के कर्मडिही में लगभग 3700 वर्ग फीट क्षेत्रफल वाली एक दो मंजिला इमारत।सुंदरगढ़ और राउरकेला शहर के बाहर 6 उच्च मूल्य के प्लॉट।241 ग्राम सोना और 635 ग्राम चांदी के आभूषण।बैंक, डाकघर और बीमा जमा राशि के रूप में 66.10 लाख रुपये।एक चार पहिया वाहन (हुंडई ग्रैंड i10 स्पोर्ट्ज) और 3 दोपहिया वाहन।विजिलेंस विभाग की ओर से लठिकटा तहसीलदार सह सब-रेजिस्ट्रार मुरलीधर उर्माल के खिलाफ छापेमारी अभी भी जारी है और आगे की सूचना की प्रतीक्षा की जा रही है।कहावत है”अधर्म वित्त बढ़े बहुत, जाने के वक्त सब मूल सहित जाता है।” ओडिशा सरकार के राजस्व विभाग के अंतर्गत ओ.आर.एस. और ओ.ए.एस. अधिकारियों सहित आर.आई. सर्कल में जमीन-जायदाद से जुड़ी हेराफेरी भरी पड़ी है। इसे लेकर पीड़ित जमीन मालिक सिविल कोर्ट की शरण ले रहे हैं। सिविल कोर्ट में तारीख पर तारीख मिलने के कारण न्याय मिलने में भी देरी हो रही है।राजस्व विभाग के अधीन कार्य कर रहे अधिकारियों को एक साथ दो-दो पद मिलने के बाद, इनका दुरुपयोग होना स्वाभाविक है। लठिकटा तहसीलदार सह सब-रेजिस्ट्रार मुरलीधर उर्माल ने अपने दोनों पदों का दुरुपयोग किया है, इसलिए उन्हें नौकरी से बर्खास्त किया जाना चाहिए—यह इस समय चर्चा का मुख्य विषय बन गया है।

