राष्ट्रपति मुर्मू ने आमको-सिमको के शहीदों को किया नमन
राउरकेलाः21//4,(कलिंग समाचार) इस्पात नगरी राउरकेला के हवाई अड्डा मैदान में आयोजित आदि परब-2026 में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ हुए आमको-सिमको गोलीकांड के अमर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुंदरगढ़ केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता और कला के लिए ही नहीं, बल्कि वीरों के बलिदान और खेलों में अपने अतुलनीय योगदान के लिए भी जाना जाता है। इस अवसर पर राष्ट्रपति ने ट्राइबल म्यूजियम व तारामंडल सहित कई अहम परियोजनाओं का उद्घाटन भी किया।अपने संबोधन की शुरुआत उन्होंने जय चंद्रशेखर महादेव, जय श्री बालुकेश्वर महादेव व जय जगन्नाथ के उद्घोष के साथ की। विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत आदिवासी कला-संस्कृति पर आधारित नृत्य और प्रदर्शनी की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि इसे देखकर ऐसा प्रतीत होता है मानो हमारी छूट रही संस्कृति और परंपरा फिर से जीवंत हो उठी है।अपने भावपूर्ण संबोधन में राष्ट्रपति ने निर्मल मुंडा और आमको-सिमको आंदोलन के बलिदानियों को याद किया। उन्होंने कहा कि निर्मल मुंडा की अगुवाई में हुआ प्रजा आंदोलन, जिसे आमको-सिमको विद्रोह के रूप में जाना जाता है, ओड़िशा ही नहीं बल्कि पूरे भारतीय इतिहास का एक अमूल्य अध्याय है। ब्रिटिश सरकार की बर्बरता और गोलीकांड में 40 से अधिक लोगों ने अपना बलिदान दिया था। ओड़िशा में हुए संथाल, पाइक और मुंडा विद्रोह हमेशा देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहे हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि शंख और कोयल नदी के संगम पर बसा सुंदरगढ़ प्राकृतिक सुंदरता व आध्यात्मिकता का अद्भुत मिलन स्थल है। खंडाधार जलप्रपात, वेदव्यास और हनुमान वाटिका इस जिले को एक अलग पहचान दिलाते हैं। यहां निवास करने वाले आदिवासी भाई-बहनों की जीवन शैली, परंपरा और त्योहार ओड़िशा की संस्कृति को और भी अधिक समृद्ध करते हैं। खेल के क्षेत्र में, विशेषकर हॉकी में सुंदरगढ़ के योगदान को याद करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि इस जिले ने दिलीप तिर्की, लाजरूस बार्ला, अमित रोहिदास, दीप ग्रेस एक्का और नमिता टोप्पो जैसे अनमोल रत्न देश को दिए हैं। राउरकेला का बिरसा मुंडा हॉकी स्टेडियम, एथलेटिक स्टेडियम और बीजू पटनायक इंडोर स्टेडियम खेलों को लगातार प्रोत्साहित कर रहे हैं। इस अवसर पर राष्ट्रपति ने निर्मल मुंडा प्रवेश पथ, साइंस पार्क एवं प्लानेटोरियम, रिक्रिएशन पार्क, ट्राइबल म्यूजियम और इंटीग्रेटेड कमांड व कंट्रोल सेंटर का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि ट्राइबल म्यूजियम केवल एक संग्रहालय नहीं है, बल्कि यह आदिवासियों की आत्मा, संस्कृति और परंपरा का प्रतीक है। वहीं, साइंस पार्क और प्लानेटोरियम से स्थानीय विद्यार्थियों को विज्ञान के क्षेत्र में काफी लाभ मिलेगा। राष्ट्रपति ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाए जाने को भी एक अत्यंत प्रशंसनीय कदम बताया।


